संदीप विश्वविद्यालय के श्री नित्यानंद झा स्कूल ऑफ एजूकेशन सिजौल, मधुबनी में धूमधाम से मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
संवाददाता - अंशू कुमारी।
मधुबनी । शनिवार को संदीप विश्वविद्यालय, सिजौल के श्री नित्यानंद झा स्कूल ऑफ एजुकेशन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभाग के प्राचार्य सहित सभी प्रोफेसर, ऑफिस कर्मी तथा लगभग दो सौ छात्राध्यापक एवं छात्राध्यापिकाएं उपस्थित रहीं ।कार्यक्रम की शुरुआत मंच संचालित कर रहे विभाग के प्रो० सुजीत कुमार मिश्र के प्रेरणादायक भाषणों से हुई, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा और समाज में उनकी भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों को सराहा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने विभिन्न वक्ताओं को आमंत्रित करते हुए महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को गति देते दिखे।
डॉ० उमाकर ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस न केवल महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि समानता, सशक्तिकरण और समावेशिता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी दर्शाता है। प्रो० विमल कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि, हर युग में महिलाओं ने समाज, राजनीति, विज्ञान, शिक्षा, खेल और कला के क्षेत्र में अपनी अद्वितीय पहचान बनाई है। चाहे वह रानी लक्ष्मीबाई की वीरता हो, मदर टेरेसा की सेवा भावना, कल्पना चावला की ऊंची उड़ान हो, या मैरी कॉम की दृढ़ इच्छाशक्ति हर महिला अपने आप में प्रेरणा का स्रोत है।विभाग के प्राचार्य डॉ० बी०सी०चौधरी ने सभी को आह्वान करते हुए कहा कि, आज का दिन सिर्फ उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि संकल्प लेने का भी है हम यह संकल्प लें कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सम्मान के हर स्तर पर बराबरी का स्थान दिलाने के लिए कार्य करेंगे। प्रो० आनंद कुमार चौधरी ने कहा कि, हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि आज भी कई जगहों पर महिलाओं को समान अवसर और अधिकार नहीं मिलते। उनके खिलाफ हिंसा, भेदभाव और असमानता की चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में यह दिवस हमें याद दिलाता है कि महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अधिकार दिलाने के लिए हमें और अधिक प्रयास करने होंगे।
समारोह के दौरान छात्राध्यापकों और छात्राध्यापिकाओं ने भी अपने विचार साझा किए, जिसमें महिलाओं के उत्थान में शिक्षा की भूमिका, लैंगिक समानता और आत्मनिर्भरता जैसे विषय प्रमुख रहे। डी०एल०एड० की छात्रा खुशबू कुमारी ने कहा कि, मैं सभी सहपाठी महिला को इस खास दिन की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं और आशा करती हूं कि हम सभी मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करेंगे, जहां हर महिला सुरक्षित, स्वतंत्र और खुद को सशक्त महसूस करे।
कार्यक्रम के अंत में मंच संचालक ने सभी उपस्थित लोगों को समाज में महिलाओं की भूमिका के प्रति और अधिक संवेदनशील बनने की प्रेरणा देते हुए सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम को समाप्त करने की घोषणा कर दी ।

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